प्रेस विज्ञप्ति
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा संसद सत्र के दौरान मीडिया कर्मियों को लेकर की गई टिप्पणी की 'नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया' और दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने राहुल गांधी के इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।
संसद सत्र के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने पत्रकारों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे "पूरी तरह से भाजपा द्वारा नियोजित (Employed)" नहीं हैं और उन्हें "निष्पक्ष" होकर काम करना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और वे देश के साथ अन्याय कर रहे हैं। एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने इस व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका स्वतंत्र और निष्पक्ष है। उन्होंने कहा कि "लोकसभा में विपक्ष के नेता द्वारा संसद परिसर में मीडिया कर्मियों को इस तरह से लक्षित करना और उनका अपमान करना अत्यंत निंदनीय है। मीडिया लोकतंत्र की रक्षा के लिए है, किसी पार्टी के एजेंडे के लिए नहीं। इस तरह की बयानबाजी प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रहार है।"
डीजेए के अध्यक्ष राकेश थपलियाल औप महासचिव प्रमोद कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सत्ता से सवाल करना और जनता तक सही जानकारी पहुँचाना है। किसी भी जिम्मेदार नेता द्वारा मीडिया को किसी विशेष दल से जोड़ना उनके पेशेवर सम्मान को ठेस पहुँचाने जैसा है।
एनयूजेआई और डीजेए ने मांग की है कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक मंचों और विशेषकर संसद जैसे गरिमामयी स्थान पर पत्रकारों के प्रति सम्मानजनक भाषा का उपयोग करना चाहिए।


