प्रेस नोट
मीडिया की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी से ही लोकतंत्र सशक्त होता है : राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया
फर्जी खबरें लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती, पत्रकारों की मांगों का समर्थन, केंद्र तक मुद्दे उठाने का आश्वासन
चंडीगढ़, 14 दिसंबर :
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि स्वतंत्र, विश्वसनीय और जिम्मेदार मीडिया ही भारतीय लोकतंत्र को जीवंत, जवाबदेह और सशक्त बनाए रखने की केंद्रीय शक्ति है। उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल युग में फर्जी खबरों, भ्रामक सूचनाओं और अप्रमाणित कंटेंट का बढ़ता चलन जनविश्वास के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
राज्यपाल कटारिया रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय मीडिया मीट के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मीडिया केवल सूचना पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की अंतरात्मा, नागरिक अधिकारों का प्रहरी और विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका के बीच संतुलन स्थापित करने वाली शक्ति है।
उन्होंने कहा, “मीडिया जितना अधिक स्वतंत्र होगा, भारत उतना ही मजबूत होगा और मीडिया जितना अधिक जिम्मेदार होगा, हमारा लोकतंत्र उतना ही उज्ज्वल बनेगा।”
राज्यपाल ने सोशल मीडिया, वेब प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेज प्रसार का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचनाओं की गति और मात्रा ने तथ्य और कल्पना के बीच की रेखा को धुंधला कर दिया है। आज पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सत्यापन की है। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति ने जहां लोकतंत्र को सशक्त किया है, वहीं अफवाहों, दुष्प्रचार और फर्जी खबरों का एक समानांतर उद्योग भी खड़ा कर दिया है। ऐसे में मुख्यधारा के मीडिया पर सत्य, संतुलन और नैतिक पत्रकारिता बनाए रखने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
कटारिया ने कहा कि पत्रकार और मीडिया कर्मी अक्सर सीमित संसाधनों और जोखिम भरी परिस्थितियों में चौबीसों घंटे काम करते हैं। उनकी सुरक्षा, कल्याण, उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और कानूनी संरक्षण लोकतंत्र की विश्वसनीयता से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने पत्रकारों की वास्तविक और वैध मांगों का समर्थन करते हुए आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को केंद्र सरकार सहित उच्चतम स्तर पर उठाएंगे।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारत की समृद्ध पत्रकारिता परंपरा को भी याद किया। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन प्रतिष्ठित अखबारों और संपादकों का स्मरण किया जिन्होंने सामाजिक सुधार और जनमत निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने द ट्रिब्यून समूह की 1881 से चली आ रही पत्रकारिता की परंपरा की सराहना की और ट्रिब्यून कर्मचारी यूनियन द्वारा आपदा राहत, रक्तदान शिविर और मानवीय सेवाओं जैसे सामाजिक कार्यों की भी प्रशंसा की।
राज्यपाल ने कहा कि मीडिया का दायित्व केवल समस्याओं को उजागर करना ही नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में समाज को प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब और देश इस समय आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, जिसमें संतुलित और रचनात्मक पत्रकारिता निर्णायक भूमिका निभा सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अखिल भारतीय मीडिया मीट पत्रकारिता को मजबूत करने और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य में मीडिया की भूमिका को पुनः स्थापित करने के लिए सार्थक विचार सामने लाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए द ट्रिब्यून कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने राज्यपाल कटारिया के लगभग पांच दशक लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन पर प्रकाश डाला। यूनियन की महासचिव रुचिका एम. खन्ना ने मंच संचालन करते हुए कटारिया के मीडिया से जुड़े लंबे संबंधों को याद किया। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान कटारिया ने राजस्थान के जंगलों में छिपाकर साइक्लोस्टाइल मशीन से एक समाचार पत्र निकाला और सरकारी दमन के बावजूद उसका वितरण सुनिश्चित किया।
कन्फेडरेशन के अध्यक्ष रास बिहारी और महासचिव एम.एस. यादव ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के कारण कार्यरत पत्रकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण संरक्षण समाप्त हो गए हैं, जिनमें वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट और अन्य श्रम सुरक्षा प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही नई दिल्ली में देशभर के मीडिया यूनियन नेताओं की विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल से हस्तक्षेप और सहयोग का अनुरोध किया।
यह मीडिया मीट द ट्रिब्यून कर्मचारी यूनियन द्वारा कन्फेडरेशन ऑफ न्यूज़पेपर एंड न्यूज़ एजेंसी एम्प्लॉइज के बैनर तले आयोजित की जा रही है। इसमें देशभर के प्रमुख पत्रकार और गैर-पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय मंथन में प्रिंट और डिजिटल मीडिया के सामने मौजूद चुनौतियों, श्रम अधिकारों, पेशेवर सुरक्षा और प्रिंट पत्रकारिता की भविष्य की प्रासंगिकता पर चर्चा की जाएगी।
इस सम्मेलन में भाग लेने वाले संगठनों में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पीटीआई एम्प्लॉइज यूनियंस, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स, ऑल इंडिया न्यूज़पेपर एम्प्लॉइज फेडरेशन, इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया), नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यूज़पेपर एम्प्लॉइज, यूएनआई वर्कर्स यूनियन तथा द ट्रिब्यून कर्मचारी यूनियन शामिल हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया। इनमें आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. बसंत कुमार, डॉ. मिथुन हस्तीर, डॉ. जोरा सिंह, डॉ. विनोद चंदेल, समाजसेवी बलविंदर सिंह, रक्तदाता राजन रैखी तथा पंजाबी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य कलाकार बी.एन. शर्मा शामिल रहे।


