यूसीसी की तरह पत्रकारिता सुरक्षा क़ानून लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य होगा : गणेश जोशी

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हरिद्वार। देश के सबसे बड़े पत्रकार के संगठन नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, इंडिया के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों हितों के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में न आने के लिए खेद जताते हुए देवभूमि में देश भर के 24 राज्यों से आए सैकड़ों पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र के आज के इस सशक्त दौर में मीडिया के सामने कई चुनौतियां है, जिनसे पत्रकार हर दिन सामना करता है। हरिद्वार के इस दो दिवसीय अधिवेशन में वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारिता स्वस्थ्य लोकतंत्र की आत्मा होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज के इस अधिवेशन से उठी चर्चा सम्पूर्ण देश में एक क्रांति लाएगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के कोने कोने से आए पत्रकारों का देवभूमि में स्वागत किया।
नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स, इंडिया के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जिस तरह यूसीसी बनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना उसी तरह  उत्तराखंड में भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना है। श्री जोशी ने कहा कि पत्रकार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ उनकी कमियों से भी अवगत कराते हैं। कैबिनेट मंत्री ने अगला सम्मेलन मसूरी में आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि हमारे समक्ष पत्रकारों की जो पीड़ा अथवा उनके हितों की बात सामने आई है, मैं उससे आपका वकील बनकर मुख्यमंत्री के समक्ष रखूंगा। आपकी जो पत्रकार एक्ट की मांग है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक पत्रकारिता के स्वरूप में काफी बदलाव आया है। उत्तराखंड राज्य के निर्माण पत्रकारों के सहयोग को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन एनयूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि उत्तराखंड में क्षेत्रीय पत्रकारिता का बड़ा महत्व रहा है। प्रदेश बनने और हिंदी के विस्तार के लिए उनका बड़ा योगदान रहा। सरकारी नीतियों के चलते यूं अख़बारों को चलाना मुश्किल हो गया। आज के दौर में चैनल बहुत हो गए। कुछ लोगों ने गलत तरीके से अख़बार निकाला जिसके चलते सरकार को नीतियां बनानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायत मिली है कि उत्तराखंड में छोटे अख़बारों व चैनलों को विज्ञापन देने में भेदभाव किया जाता है। एनयूजे अध्यक्ष ने कहा कि मेरी प्रदेश सरकार से मांग है कि मीडिया को मिलने वाले विज्ञापनों में फैला सरकारी भ्रष्टाचार रोकने पर भी ध्यान दे। छोटे अख़बार व छोटे चैनलों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी सहायता भी की जाए। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर बाकी राज्यो के लिए उत्तराखंड यूसीसी की तरह ही एक उदाहरण पेश करे।
एनयूजेआई के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप तिवारी ने पत्रकार सुरक्षा कानून, मीडिया काउंसिल, पत्रकार पेंशन योजना जैसे कई मुद्दे उठाए। लघु व मझौले पत्रकारों का ध्यान रखते हुए मंच से उन्होंने सरकार से आह्वान करते हुए कहा कि आप बड़े अखबारों को विज्ञापन देते है जिनके पास अथाह पैसा है लेकिन छोटे अख़बारों के पास आजीविका चलने के लिए भी पैसा नहीं उनका भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में पत्रकारों को रेलवे पास मिलता था, लेकिन हमारी वह सुविधा भी हटा दी गई। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जो भी इस मंच से पत्रकारों के हितों की बात उठाई गई उस पर सरकार गंभीरता से विचार करे और उन्हें लागू करे। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सुनील दत्त पाण्डेय, प्रदेश महासचिव डॉ नवीन जोशी, मुख्य संयोजक एवं हरिद्वार जिलाध्यक्ष आदेश त्यागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवा, रणेश राणा, विमलेश शर्मा, सचिव अमलेश राजू राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी, चुनाव आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशोक किंकर, चुनाव आयोग के अन्य सदस्य दधिबल यादव, रजत गुप्ता, प्रदेश के पूर्व रा. उपाध्यक्ष ब्रह्मदत्त शर्मा, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य प्रसन्ना मोहंती, संयोजक रामचंद्र कन्नोजिया, जिला महासचिव डॉ शिवा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन संयोजक धर्मेंद्र चौधरी ने किया। एनयूजेआई महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रतिभा शुक्ला, सदस्य अनीता चौधरी और एनयूजे की वरिष्ठ महिला सदस्य व पत्रकार उषा पाहवा को मंच से सम्मानित किया।