पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर उठी मांग, पत्रकारों को किया गया सम्मानित(Detail Page)

पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर उठी मांग, पत्रकारों को किया गया सम्मानित

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पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर उठी मांग, पत्रकारों को किया गया सम्मानित

झूमरी तिलैया। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान कोडरमा में प्रेस क्लब कोडरमा के द्वारा कोरोना काल में पत्रकारों की चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपायुक्त कोडरमा आदित्य रंजन, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, जिला परिषद के अध्यक्ष रामधन यादव, वन प्रमंडल पदाधिकारी सूरज कुमार सिंह, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष शालिनी गुप्ता, पॉलिटेक्निक संस्थान के प्राचार्य राजेश कुमार, एपीआरओ अविनाश मेहता, झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल, प्रदेश सचिव कैलाश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष सह संरक्षक मंडल के सदस्य विनोद विश्वकर्मा, संरक्षक मंडली के सदस्य सह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सलूजा, कुमार रामेशम, मनोज कुमार झुन्नू, क्लब के अध्यक्ष सतीश कुमार एवं महासचिव गौतम राणा मौजूद थे। अतिथियों के द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद सेक्रेड हार्ट स्कूल की छात्राओं के द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी के द्वारा पत्रकारों के लिए मोबाइल के माध्यम से शुभकामना संदेश प्रेषित किया गया। अध्यक्षीय भाषण में क्लब के अध्यक्ष सतीश कुमार ने लोगों को प्रेस क्लब के क्रियाकलापों एवं पत्रकारों के लिए चलाए जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि  कोरोना काल को हम सभी को एक बुरा सपना मान कर भूलने का प्रयास करना चाहिए और हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में इस प्रकार का कोई भी आपदा नहीं आए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान पत्रकारों ने जान हथेली में रखकर गली- मोहल्ले में जाकर न्यूज़ संकलन करने का काम किया।  पत्रकारों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि समाज में पत्रकार समस्या और समाधान के बीच सेतु का काम करते हैं। क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखकर पत्रकारों के द्वारा हमारा एवं प्रशासन का आधा काम कर दिया जाता है। पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर उन्होंने कहा कि उनके द्वारा इसकी अनुशंसा पत्र विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। विशिष्ट अतिथि उपायुक्त कोडरमा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सर्विस के दौरान उन्हें कई जिलों में कार्य करने का अवसर मिला, लेकिन कोडरमा जिला में जिस तरह से पत्रकार एकजुट है और जिला प्रशासन को लगातार उनका सहयोग मिलता है वह काबिले तारीफ है उन्होंने कहा कि कोरोना काल में पत्रकारों ने खतरों से जूझते हुए काम किया और लोगों को मदद करने और सूचना पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एसपी कुमार गौरव ने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारों को पीछे किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कमियों को दूर कर आगे की बेहतर नीति बनाने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि कोराना काल में पत्रकारों ने विषम परिस्थितियों में अहम भूमिका निभाई है। विषम समय में व्यक्तित्व की सही पहचान होती है। समाज के विकास में पत्रकारों का अहम योगदान होता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इंटरनेट के दौर में पत्रकारिता में काफी बदलाव आए हैं।

सभी लोग प्रेस का काम निभाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया के दौर में गलत जानकारी प्रसारित होने से समाज पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सच्चाई के कई पहलू होते हैं किसी एक पहलू को देखकर सच नहीं मानना चाहिए। झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेस क्लब कोडरमा आज पूरी तरह से आत्मनिर्भर है राज्य के अन्य जिला इकाइयों के लिए प्रेस क्लब कोडरमा एक प्रेरणा स्रोत के स्वरूप है उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब कोडरमा आर्थिक रूप से एवं संगठनात्मक रूप से आज राज्य में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में खबर की प्रामाणिकता के बिना इसे प्रसारित करने से समाज में गलत संदेश जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए यूनियन के द्वारा फेक न्यूज़ की रोकथाम को लेकर देशव्यापी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत झारखंड में कर दी गई है। जहां प्रत्येक जिले के पत्रकारों को कार्यशाला के माध्यम से फेक न्यूज़ को रोकने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं उन्होंने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है उन्होंने बताया कि रेलवे के द्वारा पहले पत्रकारों को पास दिया जाता था। लेकिन कुछ वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है इसको लेकर के रांची में डीआरएम ऑफिस के बाहर पत्रकारों के द्वारा सांकेतिक रूप से घेराव किया जाएगा और पत्रकारों के लिए रेल पास निर्गत करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के सतगावां प्रखंड निवासी दिवंगत पत्रकार सोनी पांडेय की मृत्यु के उपरांत मुख्यमंत्री से सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश नेतृत्व लगातार प्रयासरत है। उम्मीद है कि 20- 25 दिनों में पत्रकार के आश्रितों को सरकार से मिलने वाली लाभ प्राप्त हो जाएगी। वन प्रमंडल पदाधिकारी सूरज कुमार ने कहा कि समाज सुधार में पत्रकारिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। देश में चाहे जैसी भी विषम परिस्थिति आई हो पत्रकारों ने हमेशा सजग और सतर्क होकर काम किया है कोरोना काल में जहां वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से लोगों के द्वारा काम किया जा रहा था। वही पत्रकार इस चुनौतीपूर्ण समय में घरों से बाहर निकलकर गली मोहल्ले में घूम कर खबरों का संकलन कर इसे समाज तक पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे।

 



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